8 मार्च 2020 - 17:15
ईरान के छात्र संघ ने भारतीय मुसलमानों का जनसंहार रोकने की मांग की

ईरान के अनेक छात्र संघों और नागरिक संस्थाओं ने भारतीय मुसलमानों के जनसंहार की निंदा करते हुए तथ्य परक समिति के गठन की मांग की है।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के अनेक छात्र संघों ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त मिशेल बाचला के नाम पत्र में तथाकथित नागरिकता संशोधन क़ानून सीएए की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह क़ानून भारतीय धर्मों के बीच भेदभाव को मानता है और मुसलमानों पर अधिक दबाव डालने के प्रयास में है।

ईरान के अनेक छात्र संघों और नागरिक संस्थाओं के पत्र में बल दिया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून, मुसलमानों और उनके पवित्र स्थलों के विरुद्ध चरमपंथी गुटों के विध्वंसक और सुनोयोजित कार्यवाहियों का कारण बना है।

इस पत्र में इस संकट से निकलने का रास्ता, भेदभाव से दूरी, मूल अधिकारों और मानवीय प्रतिष्ठा का सम्मान और भारतीय मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा को यथाशीघ्र रोकना बताया गया है।

ज्ञात रहे कि दिल्ली में हिंसा और मुसलमानों पर होने वाले हमलों में लगभग 50 लोग मारे गये और 300 से अधिक घायल हुए।